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दशज्यूला क्षेत्र की आराध्य देवी चण्डिका ने दिवारा यात्रा ने कोट में घर-घर जाकर भक्तों को दिया आशीर्वाद

रुद्रप्रयाग: दशज्यूला क्षेत्र की आराध्य देवी चण्डिका ने दिवारा यात्रा ने कोट में घर-घर जाकर भक्तों की कुशलक्षेम पूछी। रात्रि विश्राम के लिए सिद्धपीठ हरियाली देवी मंदिर मवांणा घोलतीर पहुंचने पर चंडिका देवी का फूल मालाओं एवं अक्षतों से स्वागत हुआ। इस दौरान भक्तों ने मां से मनौतियां भी मांगी। गत 15 अक्टूबर से दशज्यूला क्षेत्र के महड़ गांव स्थित चंडिका मंदिर से दिवारा यात्रा शुरू हुई थी। जिसके बाद चंडिका देवी ने विभिन्न गांवों का भ्रमण करने के बाद इन दिनों चंडिका देवी यात्रा रानीगढ़ क्षेत्र के भ्रमण पर है। मां चंडिका ने नगरासू, बीना, घुरसाल, लदोली, तोरियाल कोदिमा, जसोली होते हुए गत रविवार को रात्रि विश्राम के लिए कोट गांव पहुंची थी। सोमवार को पुजारी ने कोदिमा में मां चंडिका की पूजा अर्चना के साथ भोग लगाया। जिसके बाद चंडिका देवी के यहां पर भक्तों को दर्शन देकर आशीर्वाद दिया। इसके बाद चंडिका देवी ने कोटगांव में घर-घर जाकर भक्तों की कुशलक्षेम पूछी। भक्तों ने भी अपने दर पर अक्षत व फूल मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया। साथ ही मां से अपने परिवार की खुशहाली की कामना भी की। मां चंडिका की दिवारा यात्रा देर शाम रात्रि विश्राम के लिए मवांणा घोलतीर पहुंची। देवरा यात्रा के सचिव देवेन्द्र जग्गी ने बताया कि रानीगढ़ क्षेत्र के विभिन्न गांवों का भ्रमण करने के बाद दिवारा यात्रा शिवानंदी, कलना, गडोरा, रतूडा, समेरपुर, तिलनी, लमेरी, बौंठा होकर रुद्रप्रयाग पहुंचेगी। 92 वर्षों बाद शुरू हुई दिवारा यात्रा चारों दिशाओं में जाकर भक्तों की कुलक्षेम पूछ रही है। दिवारा यात्रा का विभिन्न स्थानों पर जोरदार स्वागत हो रहा है।

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